कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस फिल्म में कंगना भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका में नजर आएंगी। ट्रेलर के रिलीज होते ही फिल्म चर्चा में आ गई थी, लेकिन इसके साथ ही विवाद भी शुरू हो गए। जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज डेट करीब आ रही है, विवाद और भी गहराते जा रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) की दिल्ली इकाई ने फिल्म 'इमरजेंसी' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सेंसर बोर्ड और कंगना के प्रोडक्शन हाउस को नोटिस भेजकर फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि कंगना 'सिख विरोधी रेटोरिक' के लिए जानी जाती हैं और उन्होंने 'सिख समुदाय को निशाना बनाने के लिए इमरजेंसी का विषय चुना है।'
अब कंगना रनौत ने एक वीडियो शेयर कर यह जानकारी दी है कि सेंसर बोर्ड से फिल्म को क्लियरेंस मिलने के बावजूद उसका सर्टिफिकेट रोक दिया गया है। कंगना ने कहा, "हमारी फिल्म को क्लियरेंस मिल गया था, लेकिन बहुत ज्यादा धमकियों के कारण सर्टिफिकेट रोक दिया गया है। हम पर दबाव बनाया जा रहा है कि मिसेज गांधी की हत्या, भिंडरावाले और पंजाब के दंगों को न दिखाया जाए। मुझे नहीं पता, फिर फिल्म में क्या दिखाया जाए।"
फिल्म को लेकर हर तरफ हंगामा मचा हुआ है। 'इमरजेंसी' का ट्रेलर रिलीज होते ही पंजाब के बठिंडा में विरोध प्रदर्शन हुआ, जहां कंगना का पुतला जलाया गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC) ने भी फिल्म पर बैन लगाने की मांग करते हुए नोटिस भेजा है।
इसके अलावा, तेलंगाना में सिख समुदाय ने भी फिल्म की स्क्रीनिंग पर बैन लगाने की मांग की है, जिसमें सरकार से कानूनी सलाह लेने की बात कही गई है।
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